the jharokha news

कर्ज में डूबे कारोबारी ने पत्नी और बच्चों के साथ खुद को गोली से उड़ाया

 

बठिंडा : पंजाब के बठिंडा जिले से हृदय विदारक खबर सामने आई है। यहां कर्ज से परेशान एक कारोबारी ने अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। कारोबारी की पहचान 41 वर्षीय धर्मेंद्र गर्ग के रूप में हुई है । बताया जा रहा है कि कारोबार में घाटा होने के कारण रविंदर गर्ग लाखों रुपए का कर्जदार हो गया था । सुसाइड नोट में गर्ग ने को 9 लोगों को मौत का जिम्मेदार बताया है। हालांकि उनके नामों का खुलासा नहीं हुआ है।

बताया जा रहा है कि बठिंडा निवासी रविंदर गर्ग काफी समय से चीट फंड और चैन मार्केटिंग कंपनियों के लिए काम करता था। कारोबार में घाटा इतना हुआ कि उसे अपनी खुद की कोठी भी दो साल पहले बेचनी पड़ी थी। इस समय बठिंडा के ग्रीन सिटी फेस टू में किराए के मकान में रह रहा था।

बताया जा रहा है कि उसके परिवार में उसकी 28 वर्षीय पत्नी मीना 14 वर्षीय बेटा और एक 10 बरस की बेटी थी। यह भी कहा जा रहा है कि खुदकुशी करने से पहले रविंदर गर्ग अपनी ससुराल भी गया था। वहां से लौटने के बाद उसने अपनी मां से भी बात की थी। इसके कुछ देर बाद उसने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से अपने और अपने परिवार की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि काफी देर तक जब दविंद्र का परिवार अपने कमरे से बाहर नहीं निकला तो मकान मालिक ने डोर बेल बजाई। लेकिन काफी देर तक घंटी बजने के बाद ही दरवाजा न खुलने पर मकान मालिक ने देवेंद्र के रिश्तेदारों को बुलाया।. जब वो दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो देखा कि बेड पर रक्तरंजित शव पड़े हुए थे । सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

कहा जा रहा है कि दविंदर से ने चिटफंड कंपनियों के लिए करोड़ों रुपए का लेनदेन किया था । लेकिन यह कंपनियां कुछ साल पहले फरार हो गई जिस कारण उसकी आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई । यह भी कहा जा रहा है कि खुद को स्थापित करने के लिए दोबारा कारोबार शुरू किया लेकिन कोरोना कि वजह से कारोबार चल ना सका। कर जाई होने के कारण दविंदर पर लोगों के पैसे वापस करने के दबाव बन रहे थे ।.फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • krishna janmashtami
    यह भी पढ़े

Read Previous

ताड़का का वध करना नहीं चाहते थे श्रीराम

Read Next

पत्नी सहित दो बच्चों और नौकर की हत्या करने वाले को फांसी की सजा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!