Breaking News :

nothing found
April 23, 2021

किसानों का संघर्ष और सरकार की बेरुखी

राजित
केंद्र सरकर जब से कृषि सुधार बिल लाने की बात शुरू की है तभी से अन्नदाता संघर्ष की राह पर हैं, सरकार इसे सदन में पास करवा कर कानून का रूप दे चुकी है। उधर, किसान शुरू से ही विरोध कर रहे हैं ।

जाहिर सी बात है की किसान यदि विरोध कर रहे हैं तो कुछ दम उनकी बात में भी है, आज के किसान नेता अशिक्षित तो हैं नहीं। किस नियम से क्या नफा नुकसान है उनको पता है। इसका असर भी पंजाब में देखने को मिलने लगा है, व्यापारी पंजाब और उत्तर प्रदेश से धान खरीद कर पंजाब की मंडी में बेच मोटा मुनाफा बटोरने में लगे है। इससे जाहिर है कि पंजाब के किसानों के धान कहा बिकेगा और कौन खरीदेगा, खास कर बासमती कौन खरीदेगा, परमल की खरीद तो सरकार कर लेगी।

बीस दिन से किसान रेल ट्रैक पर बैठे हैं , उनसे बात करना केंद्र सरकार जरूरी नहीं समझ रही है। इससे पंजाब से अन्य राज्यों को जाने वाली खाद्य सामग्री की सप्लाई पूरी तरह से बंद हो चुकी है वहीँ रेल के माध्यम से आने वाला कोयला, अयस्क , तांबा , अल्मुनियम आदि के नहीं आने से उद्योगों पर प्रभाव पड़ रहा है वहीं कोरोना की मार झेल चुके कामगारों का रोजगार भी प्रभावित हो रहा है। आखिर सरकार की क्या मजबूरी है की किसानो की बात कोई सुनना नहीं चाहता है। अब यदि उद्यम रफ्तार पकड़ रहे तो कच्चे माल की कमी तथा तैयार माल रेल से न जा पाने के कारण प्रभावित हो जाएगा, जिसका प्रभाव सीधे तौर पर देश की एकोनोमी पर पड़ेगा, जो कि पहले से ही माइनस में चल रही है।
लेखक बरिष्ठ पत्रकार हैं

  • digital services

Jharokha

द झरोखा न्यूज़ आपके समाचार, मनोरंजन, संगीत फैशन वेबसाइट है। हम आपको मनोरंजन उद्योग से सीधे ताजा ब्रेकिंग न्यूज और वीडियो प्रदान करते हैं।

Read Previous

देवरिया के व्यक्ति का लुधियाना में कत्ल, खाली प्लाट में मिला शव

Read Next

मुख्तार के दोनों बेटों की गिरफ्तारी पर रोक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

x
error: Content is protected !!