• June 16, 2021

2022 के लिए नए समीकरण के लिए उत्तरप्रदेश विभाजन हो सकता है बड़ा दाव

मोदी-योगी के बीच सियासी खींचतान का उत्तम समाधान, क्या अंतिम विकल्प हो सकता है उत्तर प्रदेश का विभाजन?

ज़ाहिद अंसारी : इस वक्त केंद्र और यूपी के बीच जारी सियासी नूरा-कुश्ती का सबसे सही, सटीक और उत्तम समाधान उत्तर प्रदेश का विभाजन है. मोदी से लेकर योगी तक, सबके अहम का समाधान यही है. मुझे पता है न योगी झुकने वाले है, न मोदी रुकने वाले हैं. ऐसे में RSS दोनों तरफ से पिस रहा है. यदि 5 मई को होने वाली मोहन भागवत जी की बैठक में समाधान नहीं निकला, तो सबके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. क्योंकि 2022 का विधानसभा चुनाव को भी हारना नहीं चाहेगा. योगी भी नहीं, मोदी तो बिल्कुल भी नहीं, क्योंकि 2024 मुश्किल में पड़ जाएगा. ऐसे में उत्तर प्रदेश का विभाजन सबसे उत्तम विकल्प क्या हो सकता है…

1- सत्ता और शक्ति का विकेंद्रीकरण हो जाएगा. यूपी जैसे बड़े राज्य से केंद्र को हर बार मिलने वाली चुनौती हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी.

2- सूबे के तीन या चार हिस्सों में बंट जाने के बाद जनता के मुद्दे भी बदल जाएंगे. जो अभी तक कमोबेश एक जैसे होते हैं.

3- पूर्वांचल राज्य में योगी जी भी खुश रहेंगे. गोरखपुर राजधानी बनाकर मठ और मुख्यमंत्री पद अच्छे से संभाल सकते हैं.

4- वेस्ट यूपी के लोग विभाजन की लंबे समय से मांग कर रहे हैं. वो भी खुश हो जाएंगे. किसान आंदोलन का मुद्दा इसके आगे गौण हो जाएगा.

jharokha

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