the jharokha news

  1. Home
  2. मन की बात

Category: मन की बात

अब नारों नहीं इन 4 शब्दों को सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं

अब नारों नहीं इन 4 शब्दों को सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं

सुखबीर : जी हां, पहले किसी नेता के समर्थन में लगने वाले भावनात्मक नारों को सुनकर हमारे राेंगटे खड़े हो जाते थे और शरीर में जोश भर आता था। हालांकि मैं हरियाणा निर्माता के नाम…

Read More
इस खबर की चर्चा अब तो होने लगी है

इस खबर की चर्चा अब तो होने लगी है

सुखबीर : प्रसिद्ध हिंदी फिल्म हवालात का वह गाना तेरे हुस्न का चर्चा अब तो होने लगा गली-गली, कोई तुझे नमकीन कहे, कोई कहे मिसरी की डली, इन दिनों पंजाब केसरी द्वारा 17 अक्तूबर को…

Read More
‌कच्ची मिट्टी की मटकी थी, उल्टी पलटी फूट गई…

‌कच्ची मिट्टी की मटकी थी, उल्टी पलटी फूट गई…

सुखबीर “मोटू” : सैनी साहब मैं धर्मेंद्र कंवारी के किसी काम पर उंगली नहीं उठाता, मैंने हमेशा उनकी कद्र की है और करता रहूंगा, मगर आप शायद मेरी बात को सही तरीके से नहीं समझे,…

Read More
सबसे प्रेरणादायक भाषण: सफलता के लिए 4 सच्चे नियम | ए पी जे अब्दुल कलाम

सबसे प्रेरणादायक भाषण: सफलता के लिए 4 सच्चे नियम | ए पी जे अब्दुल कलाम

हमें पता होना चाहिए कि न केवल सफलता को कैसे संभालना है, असफलताओं को कैसे संभालना है विशेष रूप से आप प्रबंधन के माहौल में हैं, अगर मैं चाहता हूं कि युवा लोग यह समझें…

Read More
बात बहुत छोटी लगती है, लेकिन इसके मायने बहुत हैं।

बात बहुत छोटी लगती है, लेकिन इसके मायने बहुत हैं।

सुखबीर “मोटू” बात उन दिनों की है जब कमलेश सिंह दैनिक भास्कर के स्टेट हैड हुआ करते थे और वे एक दिन हिसार आए हुए थेे। बस यूं ही मेरा उनसे अकेले में आमना सामना…

Read More
यार न्यूं बेरा कोनी पाट्या यो किसका माणस सै?

यार न्यूं बेरा कोनी पाट्या यो किसका माणस सै?

अगर कोई आपके बारे में किसी से यह सवाल पूछे तो आपको कैसा लगेगा। जी हां मेरे साथ एक बार ऐसा हो चुका है। उस समय मैं दैनिक भास्कर में था और एक समाचार ऐसा…

Read More

बात बहुत छोटी लगती है, लेकिन इसके मायने बहुत हैं

सुखबीर “मोटू” बात उन दिनों की है जब कमलेश सिंह दैनिक भास्कर के स्टेट हैड हुआ करते थे और वे एक दिन हिसार आए हुए थेे। बस यूं ही मेरा उनसे अकेले में आमना सामना…

Read More
किसानों का संघर्ष और सरकार की बेरुखी

किसानों का संघर्ष और सरकार की बेरुखी

राजित केंद्र सरकर जब से कृषि सुधार बिल लाने की बात शुरू की है तभी से अन्नदाता संघर्ष की राह पर हैं, सरकार इसे सदन में पास करवा कर कानून का रूप दे चुकी है।…

Read More
…आखिर मुझे इतनी सारे बातें याद कैसे रह जाती हैं

…आखिर मुझे इतनी सारे बातें याद कैसे रह जाती हैं

सुखबीर “मोटू” जी हां अक्सर जब मैं फेसबुक या किसी ग्रुप में कोई पोस्ट करता हूं, तो कई तो लोग मुझसे फेसबुक पर या फोन पर पूछते हैं कि आपको इतनी पुरानी बातें कैसे याद…

Read More
error: Content is protected !!