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UP Election 2022: बाराचवर के विश्वनाथ सिंह ने 1977 में लड़ा था जहूराबाद विधानसभा का पहला चुनाव, मिले थे 19 हजार वोट

Jharokha Desk : Up Election 2022 का चुनावी मैदान सज गया है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने मोहरों को फिट करने में लग गए है। उत्तर प्रदेश चुनाव में कुछ विधानसभा क्षेत्र चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक है गाजीपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में से एक जहूराबाद विधानसभा सटी। यह सीट चर्चा में इस लिए है कि यहां से सुभापसपा के ओम प्रकाश राजभर ने 2017 में भाजपा के साथ मिल कर चुनाव लड़े और न केवल विधानसभा पहुंचे बल्कि सीधे मंत्री बन गए, लेकिन यह राजभर ने भाजपा छोड़ अब सपा से गठबंधन कर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ऐसे में जहूराबाद विधासभा इतिहास के धुंधलकों में झांकने की कोशिश कर रहा है The Jharokha.com और आप को बताने जा रहा है 1977 में हुए जहूराबाद विधानसभा चुनाव के बारे में।

भाकपा और जेएनपी ने लड़ा था चुनाव

गाजीपुर जनपद शुरु से ही कम्युनिस्ट के प्रभाव में रहा है। जहूराबाद विधानसभा क्षेत्र गाजीपुर जनपद का हिस्सा है, लिहाजा जहूराबद विधानसभा भी कम्युनिस्ट के प्रभाव से अछूता नहीं रहा। 1977 में पहली बार हुए जहूराबाद विधानसभा चुनाव में बाराचवर के विश्वनाथ प्रताप सिंह उफ कृष्णकांत और जयराम के बीच लड़ा गया था। इस चुनाव में विश्वनाथ सिंह जेएनपी से चुनाव मैदान में उतरे थे तो जयराम भाकपा के प्रत्याशी थे।

12 हजार वोटो से चुनाव हार गए थे विश्वनाथ सिंह

पहली बार हुए इस चुनाव जेएनपी के विश्वनाथ सिंह को भाकपा के जयराम ने 12, 741 मतों के अंतर से चुनाव रहा दिया। इस चुनाव में भाकपा के जयराम सिंह को 31,965 और जेएनपी के विश्वनाथ सिंह को 19224 वोट पड़े थे। मत प्रतिशत की बात की जाए तो भाकपा के जयराम को 46 प्रतिशत और विश्वनाथ सिंह उर्फ कृष्णकांत को 28 प्रतिशत वोट मिले थे। यानी कुल 51, 189 वोट पड़े थे।

साइकिल से किए थे चुनाव प्रचार, 8 हजार रुपये हुए थे खर्च

गांव बाराचवर निवासी विश्वनाथ सिंह के पुत्र राजिंदर सिंह ने बताया कि 1977 में उनके पिता जी विश्वनाथ सिंह उर्फ कृष्णकांत सिंह ने साइकिल से चुनाव प्रचार किया था। उस समय प्रचार के लिए एक मात्र जीप हुआ करती थी। बाकी सभी लोग गांव-गांव जाकर साइिकल से चुनाव प्रचार किया करते थे। उन्होंने बताया कि गाजीपुर जिले के जहूराबाद Jahurabad विधानसभा क्षेत्र के पहले चुनाव में कुल 8 हजार रुपये का खर्च आया था। उन्होंने बताया कि यह रकम बाराचवर सहित विभिन्न गांवों के लोगों ने चंदा एकत्र करके दिया था।

हलधर किसान था विश्वनाथ सिंह का चुनाव निशान

उन्होंने बताया की जहूराबाद Jahurabad विधानसभा क्षेत्र के पहले प्रत्याशी विश्वनाथ सिंह का चुनाव निशान हलधर किसान था। इसी चुनाव चिन्ह पर उन्होंने अपना पहला चुनाव लड़ा था। उन्होंने बताया कि विश्वनाथ सिंह की पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेहर से अच्छी बनती थी। तब चंद्रशेखर जनता दल में हुआ करते थे। राजिंदर सिंह ने बताया कि Barachawar गांव में चंद्रशेखर दो बार आ चुके हैं। वे कहते हैं जहूराबाद Jahurabad विधानसभा का चुनाव लड़ चुके दोनो नेता जयराम और विश्वनाथ सिंह दोनों जमीन जुड़े हुए नेता थे। उन्होंने बताया कि विश्वनाथ सिंह का वर्ष 2001 में निधन हो गया था।

1971 में Barachawar गांव में जला बिजली का पहला बल्ब

रिटायर्ड प्रिंसीपल रामचीज सिंह, राम देव सिंह, प्रधानाध्यापक परमहंस सिंह आदि ने बताया कि जहूबराबद विधानसभा क्षेत्र 377 के दो ही 1971 में विकसित थे। एक गांव था गंगौली और दूसरा बाराचवर। बाराचवर गांव को विकास के नक्शे पर लाने में दो लोगों का हम योगदान रहा है। जहां राजनारायण सिंह ने गांव में ब्लाक, अस्पताल, पावरहाउस लाए, वहीं विश्वनाथ सिंह ने 1971 में बिली की व्यवस्था करवाई। उस समय यह गांव क्षेत्र का इकलौता गांव था जहां बिजली का बल्ब उसम समय जला था जब लोग गरीबी में जी रहे थे।







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