जली फिजा ऐसी कि हवा हो गई सांस की प्यासी,

जली फिजा ऐसी कि हवा हो गई सांस की प्यासी
धुएं में लिपटा शहर, दिन ने ओढ़ी रात की उदासी।

मौसम की क्या बात करें, ऋतुओं में बदलाव हुआ है,
प्रदूषण का असर तो देखो, सूरज भी अब चांद हुआ है।

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