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खूनी महुआ ने ली दो लोगों की जान, सपने हुए चकनाचूर

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रजनीश कुमार मिश्र (गाजीपुर) । खूनी महुआ के पेड़ ने वर्षों बाद एक बार फिर दो लोगों की जिन्दगी निगल गया। जी हां ये सत्य है। खूनी पेड़ के नाम से मशहूर गाजीपुर जनपद के सुहवल थाना क्षेत्र के बहलोलपुर गांव में महुआ बाबा के मंदिर के पास स्थित है।

सूचना के मुताबिक सोमवार को तड़के जमानियां- गाजीपुर राष्ट्रीय राज मार्ग पर मजदूरों से भरे एक बोलेरो महुआ के पेड़ से जा टकराई । बोलेरो में सवार सभी 11 लोग बुरी तरह से घायल हो गये। इस भयानक घटना से चीखपुकार मच गया।

घटना की जानकारी होते ही आसपसस के लोग मौके पर पहुंच पुलिस को भी सूचित कर दिया। पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने घायलो जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उमेश महतो व नसीम 36 निवासी युसुफपुर की मौत हो गई।

लोगों के जेहन में फिर खूनी पेड़ का खौफ

जमानियां गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित महुआ बाबा के मंदिर के पास का विशालकाय पेड़ का डर लोगों के जुबां पर एक बार फिर से घुमने लगा। क्यो की महुआ के पेड़ से हुए हादसों में दर्जनों जिन्दगियों को लील चुका है।

करीब दस साल पहले 21जून 2010 को इसी पेड़ से टक्कर के बाद 8 लोगों की मौत हो गई।
अगस्त 2010 में ही इस पेड़ से एक ट्रेक्टर ट्राली टकरा गई जिसमे आठ लोग बुरी तरह से घायल हो गये थे। ठीक एक साल बाद मई 2011 को इस पेड़ से जीप की टक्कर गई थी, जिसमें नौ लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये थे। तब से यहां के लोगों के बीच विशालकाय महुआ का पेड़ खूनी पेड़ के नाम से मशहूर हो गया।

वहीं यहां के स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मे कोई अदृश्य शक्ति मौजूद है, जिसकी वजह से ऐसी घटना होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां एक मंदिर भी बनाया गया। मंदिर पर पूजा पाठ होने लगा तब ऐसी घटनाएं होनी रुक गई, लेकिन दसकों बाद फिर इस खूनी पेड़ ने दो लोगों की जिन्दगी को अपने आगोश मे ले लिए।

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