हाथरस; जातीय हिंसा फैलाने की सजिश रचने वाले मथुरा से काबू

लखनऊ: हाथरस मामले में जातीय हिंसा की साजिश रचने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने मथुरा से धर दबोचा है। यह कार्रवाई पुलिस ने साजिश रचे जाने का खुलासा होने के बाद की है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने मंगलवार को दी।

उन्‍होंने बताया कि चारों आरोपी मथुरा से काबू किए गए हैं। यह आरोपी दिल्ली से हाथरस जा रहे थे, जिन्‍हें सोमवार को पकड़ा गया। अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि इन लोगों के संबंध पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान बहराइच जिले के थाना जरवल के गांव कस्‍बा निवासी मसूद अहमद। अतीक-उर-रहमान निवासी नगला थाना रतनपुरी जिला मुजफ्फरनगर।  आलम निवासी घेर फतेह खान थाना कोतवाली, जिला रामपुर उत्‍तर प्रदेश और चौथा आरोपी सिद्दीकी निवासी बेंगारा, थाना मल्लपुरम केरला के रूप में हुई है।

इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसियों से यूपी पुलिस को हाथरस मामल के पीछे जातीय हिंसा की साजिश होने की सूचना मिली है। इससे चौकस पुलिस हर स्थिति और संदिग्‍धों पर नजर रखे हुए है। पुलिस के मुताबिक सोमवार को यमुना एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर पुलिस ने चार संदिग्ध युवकों को काबू किया है। ये चारो आरोपी हाथरस जा रहे थे।


पीआईए से है आरोपियों का संबंध

चारों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए एसपी देहात श्रीष चंद्र ने बताया कि इन सभी की गतिविधियां संदिग्ध गतिविधियां लगने पर इन्‍हें काबू किया गया है। कार सवार ये सभी आरोपी दिल्‍ली से हाथरस जा रहे थे। उन्‍होंने बताया कि आरोपितों के पास से लैपटाप, मोबाइल और संदिग्ध साहित्य बरामद हुआ है। एसपी देहात ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में इन आरोपियों ने बताया कि वे पीएफआई और उसके सहयोगी संगठन सीएफआई से जुड़े हैं। उन्‍होंने बताया कि फिलहाल पुलिस इन चारों से पूछताछ कर रही है।

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