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रजनीश कुमार मिश्र बाराचवर (Ghazipur) । मुहम्मदाबाद-रसड़ा संपर्क मार्ग पर 25 फरवरी बुधववार देर शाम करीब सात बजे तेज रफ्तार ट्राले के चपेट में आने से बाइक सवार तीन लोगों की मौत हो गई। यह हादसा बाराचवर मुख्य मार्ग पर हुआ। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय कुसुम पत्नी रणजीत चौरसिया, उसकी पांच साल की भतीजी अनन्या और तीन साल की प्रती चौरसिया निवाीस बैरान के रूप में हुई है। जबकि बाइक सवार कुसुम का पति रणजीत चौरसिया बाल बाल गया। बताया जा रहा है कि यह सभी एक ही मोटरसाइकिल पर सवार हो कर बलिया जिले के रसड़ा में किसी शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद आरोपी ट्राला चालक ट्राला छोड़ कर फरार हो गया। मंजर इतना विभत्स था कि महिला और दोनो बच्चों के शवों के चिथड़े करीब 20 मीटर दूर तक बिखर गए।
यह है मामला
बताया जा रहा है कि यह हादसा बाराचवर मुख्य मार्ग पर मार्डन पब्लिक स्कूल के सामने हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बुधवार देर शाम करी सात बजे मुहम्मदाबाद की तरफ से एक मोटरसाइकिल पर दो बच्चों और एक महिला सहित चार लोग सवार हो कर रसड़ा की तरफ जा रहे थे। कुछ लोगों के मुताबिक बाइक सवार रणजीत चौरसिया अपने आगे चल रही एक अन्न्य मोटरसाइकिल को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था तभी सड़क किनारे फुटपाथ पर रखे गिट्टी और बालू के कारण करण रणजीत की बाइक फिसल गई, इससे अनियंत्रि होकर रणजीत अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सड़क पर गिर पड़ा इस दौरान पीछे से आ रहे बालू से भरे ट्राले ने जमीन पर गिरे महिला और दोनों बच्चों को रौंदता हुआ आगे बढ़ गया। इस घटना महिला और बच्चों के शवों के चीथड़े करीब 20 मीटर तक सड़क बिखर गए।
मौके पर पहुंची चार थानों की पुलिस
बताया जा रहा है कि आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस चौकी बाराचवर को दी। कुछ ही पल में पुलिस कर्मी घटना स्थल पर पहुंच गए और इसकी सूचना संबंधित थाना बरेसर में उच्चाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही थाना बरेसर प्रभारी धिरेन्द्र कुमार अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और ट्राले को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
आक्रोशत लोगों ने लगाया जाम, दो तहसीतों से पहुंचे एसडीएम और कोतवाल
हादसे की सूचना मिलते ही रणजीत के परिजन समेत बैरान गांव से सैकड़ों में लोग बाराचवर पहुंच कर मुख्य मार्ग जाम कर दिया । यह धरना प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चलता रहा। इस च थाना प्रभारी धिरेन्द्र कुमार लोगों को समझाने की कोशिश करते है । लेकिन प्रदर्शनकारियों के आक्रोश को देखते हुए उन्होंने इसकी जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दी । सूचना मिलते ही चार थानों की फोर्स समेत मोहम्मदाबाद एसडीएम व कासिमाबाद एसडीएम भी मौके पर पहुंच गए । इन अधिकारियों ने भी लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन लोग उग्र होने लगे शव को उठाने नहीं दे रहे थे। इस बीच पुलिस को लठियां भांजनी पड़ी।
ट्राले को कब्जे में ले शवों को पोस्टर्माटम के लिए गाजीपुर भेजा
रात करीब नौ बजे लोगों का गुस्सा शांत होने के बाद पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराचवर लाई। इसके बाद मृतका सुमन के पति बाइक सवार रणजीत चौरसिया का बयान दर्ज कर तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल गाजीपुर भिजवया। जबकि ट्राले के कब्जे में लेकर पुलिस चौकी लाई।
मामले की जांच की जा रही है, की जाएगी कड़ी कार्रवाई
थाना बरेसर के प्रभारी धिरेंद्र कुमार ने कहा कि रणजीत चौरसिया जो की अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रसड़ा किसी वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, के बयान पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। खबर लिखेजाने तक रात 12 पुलिस शवों को गाजीपुर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई कर रही थी। जांच अधिकारी धिरेंद्र कुमार ने बताया कि फिलाल मामले की जांच की जा रही है। ट्राला चालक और हादसे के कारणों को पता लगाया जा रहा है। आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
बताया जा रहा है मुहम्मदाबाद-रसड़ा संपर्क मार्ग पर बारावचर में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। करीब दो साल पहले बाराचवर चौराहे पर ट्रक की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई थी। इसी तरह बीते साल 2025 में भी लखनौली पानी टंकी के पास छोटा हाथी की चपेट में आने से गांव बगेंद निवासी बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई थी।
हादसे का कारण बन रहे फुटपाथ पर किया गया अतिक्रमण
लोगों का कहना है कि बारचवर चट्टी अब कस्बे का रूपधाारण कर चुकी है। ब्लाक मुख्यालय होने के साथ-साथ कई स्कूल, कालेज और ब्लाक स्तर का अस्पतला होने साथ ही कई व्यापारिक प्रतिष्ठान भी यहां है। इसके अलाया यहां से मऊ, गोरखपुर, बलिया, देवरिया और बक्सर के लिए भी मार्ग निकलता है, जिस कारण यह मार्ग हमेशा व्यस्त रहता है। इस मार्ग पर लखनौली पानी टंकी से लकर आरएस कानवेंट स्कूल तक करी डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों तरफ दुकानदारों ने अतिक्रण कर रखा है। कहीं गिट्टी बालू की दुकान फुटपाथ पर ही है तो खाने-पीने और अन्य वस्तुओं की जो आए दिन हादसे कारण बन रही है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह सड़क को अतिक्रमण मुक्त करवाएं ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।