Home उत्तर प्रदेश सर्दी में सेहत और स्वाद का खजाना, लिट्टी-चोखा

सर्दी में सेहत और स्वाद का खजाना, लिट्टी-चोखा

by Jharokha
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Litti-Chokha: A treasure trove of health and taste in winter.

झरोखा डेस्क। सर्दी के मौसम में यदि कुछ गर्मागर्म और चटपटा खाने का मन हो तो लिट्टी-चोखा से बेहतर कुछ और हो ही नहीं सकता। क्योंकि लिट्टी-चोखा सेहत और स्वाद दोनों का ध्यान रखता है। लिट्टी-चोखा की सरलता और सादगी इतनी कि यह बिहार में रेलवे स्टेशन से लेकर भोजनालयों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाता है।

खान-पान की बात करें तो यह बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध व्यंजन है। वैसे तो लिट्टी-चोखा को तैयार करने और खाने का कोई मौसम और दिन फिक्स नहीं है, जब जी चाहा तब चार लोग मिलकर इसे तैयार कर रहते हैं। इसके लिए न तो किसी रसोई घर की जरूरत पड़ती और ना ही किसी महिला की। परस्पर प्रेम और सहभोज का यह बहुत बड़ा उदाहरण है। लिट्टी-चोखा को तैयार करने में कोई झमेला भी नहीं है।
लिट्टी-चोखा दो तरह से बनता है। पहला सत्तूवाला और दूसर सादा। कहीं-कहीं इसे भौरी-चौखा भी कहा जाता है। आम तौर पर आलू-बैंगन के भर्ते (चोखा) के साथ खाया जाता है। स्वाद बढ़ाने के लिए इसके साथ चटनी और दाल भी ले सकते हैं। वहीं मध्यप्रदेश में इसे दाल-बाटी भी कहा जाता है, क्योंकी यहां यह मसालेदार दाल के साथ खाई जाती है।

लिट्टी पूर्णत: गेहूं के आटे से बनाई जाती है। इसमें भूने हुए काले चने का सत्तू, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, लाल मिर्च का अचार, सरसों का तेल, अजवाई और स्वाद अनुसार नमक के मिश्रण से तैयार घाठी को भरकर गोल या चपटे चार में पेड़ा तैयार किया जाता है। आटे के इन पेड़ों को उपले से तैयार आग जिसे स्थानीय भाषा में अहरा कहा जाता है पर सेंकते हैं। अब तो कोयले या गैर के पर लोहे की जालियां रख कर भी पकाया जाता है। इसी के साथ ही आलू-बैंगन, टमाटर आदि के मिश्रण से तैयार चोखे के साथ खाया जाता है।

अब बात आती है क्या लिट्टी चोखा खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है या खराब। लिट्टी-चोखा खाना आप के लिए अच्छा है या खराब यह इस बात पर निर्भर करता है की आप लिट्टी-चोखा को किस तरह से बना के खाते हैं।
आयुर्वेद के जानकारों का कहा है कि सामान्य लिट्टी-चोखा खाने से कई प्रकार का स्वास्थ्य लाभ हो सकता है। मगर नमक की मात्रा थोड़ी कम होनी चाहिए।

आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार हमेशा लिट्टी-चोखा आग पर सेंक कर ही खाना चाहिए, जो सेहत और स्वाद दोनों के लिए लाभकारी है। यदि आप इसी लिट्टी को तेल में तल (Deep Fry) कर के खाते हैं, तो इससे शरीर में कैलोरीज की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए सादा लिट्टी-चोखा ही सेहत के लिए फायदेमंद है। आप को बता दें कि लिट्टी चोखा के दिवाने हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हो चुके हैं।

लिट्टी-चोखा का स्वास्थ्य लाभ : डा. राजीव सूद के अनुसार लिट्टी-चोखा दिल की सेहत में सुधार करता है। सुगर रोगियों के लिए अच्छा है। पाचन में सुधार करता है और कैंसर को भी रोकता है।

Jharokha

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