सार
- 14 प्रदेशों के 500 से अधिक कलाकारों ने अपने-अपने राज्यों की लोक संस्कृति को किया प्रस्तुत
- एक साथ 30.7 लाख दीप जलाकर अयोघ्या ने स्थापित किया सत्य सनातन का नया आयाम
अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या शनिवार को इस वर्ष भी इतिहास की साक्षी बनी। मौका था दीपोत्सव का। यहां भक्ति, आस्था, संस्कृति और सत्य सनातन का संगम जब हिलोरे लेने लगा तो ऐसा लग रहा था कि धरती पर यदि कहीं भगवान का निवास है तो वह है अयोध्याधााम
भगवान श्रीराम राज्याभिषेक शोभायात्रा से शुरू हुआ उत्सव देर शाम तक 30 लाख से अधिक दीयों की रोशनी, सरयू की महाआरती और आतिशबाजी के बीच अपने चरम पर पहुंचा। इस दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी भगवान श्रीराम के स्वागत में मौजूद रहीं।
भव्य शोभायात्रा में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को दिखाती 14 झांकियों के साथ रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इस शोभायात्रा में 14 प्रदेशों के 500 से अधिक कलाकारों ने लोकसंस्कृतियों और परंपराओं की प्रस्तुतियां दीं।
हर साल नए आयाम स्थापित करती जा रही अयोध्या
अयोध्या प्रति वर्ष नए आयाम स्थापित करती करती जा रही है। 30 लाख दीप जलाने के लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए इस बार अयोध्या में एक साथ 30,07,518 दीप जलाए गए। दिपोत्सव की पूरी व्यवस्था को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटकर पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेटों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
