फूलन देवी, चर्चित बेहमई हत्यां कांड के वादी राजाराम का 85 वर्ष की उम्र में निधन

फूलन देवी ने राजाराम के भाई और भतीजों समेत परिवार के छह सदस्योंा की फरवरी 1981 में गोली मार कर कर दी थी हत्याह

phoolan devee ne raajaaraam ke bhaee aur bhateejon samet parivaar ke chhah sadasyona kee pharavaree 1981 mein golee maar kar kar dee thee hatyaah

लखनऊ । उत्तयर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में करीब 40 वर्ष पहले हुए फूलनदेवी बेहमई कांड के मुख्य वादी राजाराम की 05 वर्ष की उम्र में सोमवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि राजाराम लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका जिले के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। राजाराम ने ही बैंडिट क्वीपन फूलन देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

चंबल की डाकू फूलन देवी ने राजा राम के सगे भाई और भतीजों समेत परिवार के छह लोगों को कतार खड़ा करवा एक साथ गोली मार कर हत्या कर दी थी। घटना कानपुर देहात के राजपुर थाना क्षेत्र के बेहमई गांव में हुई थी। उस समय राजाराम बच गए थे।

डाकू फूलन देवी ने की थी 20 लोगों हत्या

लोगों को याद होगा 14 फरवरी 1981 का वह दिन जब जिले के बेहमई गांव में डकैत फूलन देवी ने लाइन से खड़ा करके 20 ठाकुरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद विदेशी मीडिया ने भी जिले में डेरा डाला था।

वादी राजाराम ने फूलन समेत 36 डकैतों पर हत्या व लूटपाट का मुकदमा राजपुर थाने में दर्ज कराया था। इस कांड के बाद ही बेहमई गांव चर्चा में आ गया था और पुलिस ने तभी से बेहमई में रिपोर्टिंग चौकी बनाई थी। वादी राजाराम हर तारीख पर न्याय पाने की आस में सुनवाई के लिए जिला न्यायालय पहुंचते थे। और तभी से यह मामला जिला न्याायाल में विचारधीन है।

इस संबंध में कानपुर देहात न्यायालय के डीजीसी राजू पोरवाल ने कहा कि राजाराम की मौत से बेहमई कांड मामले की सुनवाई में कोई फर्क नही पड़ेगा। उन्होंईने बताया कि वादी राजाराम का मरने से पहले बयान दर्ज हो चुका है। केस की सुनवाई जारी रहेगी।

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