the jharokha news

लाभ का सौदा है पुदीने की खेती

 

आपने 52 बिघे पुदिने की खेती वाली कहावत तो सुनी ही होगी। लेकन यह केवल मुहावरा ही नहीं है। बल्कि सच्‍चाई यही है कि फसली चक्र तोड़ने के किसान इसकी खेती करने लगे हैं। और तो और पुदीने के खेती में न कीड़े लगने का डर, है और न ही बरसात के पानी में गलने का खतरा। आमदनी भी ज्‍यादा। यही कारण है कि पुदीने की खेती प्रति किसानों का झुकाव बढ़ रहा है।

दो से ढाई माह में तैयार हो जाती है फसल

पुदीने की रोपाई उसके जड़ से होती है। रोपाई के बाद यह फसल दो से ढाई महीने यानी 60 से 70 दिन में तैयार हो कर बाजार में पहुंच जाती है। इस फसल में किसी प्रकार की खाद या कीटनाशक की जरूरत नहीं पड़ती है। यह मेथी की तरह तीन से चार-बार काटा जाता है।

20 से 25 रुपये किलो बिकता है पुदिना

बाजार में पुदीना 20 से 25 रुपये किलो अर्थात सौ से 150 रुपए पसेरी बिक जाता है। एक हेक्टेयर में एक किसान एक लाख रुपये से सवा लाख रुपए का मुनाफा उठा लेते हैं। पंजाब के मोगा और लुधियाना जिले के किसान पुदीना की खेती व्‍यापक पैमाने पर करते हैं। वैसे पूरे पंजाब में इसकी थोड़ी बहुत खेती है।

25 हजार रुपये माहवार कमा रहे हैं किसान

पुदीने के काश्‍तकारों का कहना है कि इसकी खेती से एक हेक्टेयर से करीब एक लाख रुपए चार महीने में कमा लेते है।

बलुई दोमट मिट्टी खेती के लिए उत्‍तम

जिला बागवानी अधिकारी कहते हैं पुदीने की खेती के लिए बलुई -दोमट मिट्टी काफी मुफीद है। वे कहते हैं पुदीने की खेती में सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी फसल में कभी कीड़ा नहीं लगता। यह फसल दो से ढाई माह में तैयार हो जाती है। मेथी की तरह तीन बार इसकी कटाई की जा सकती है। यह पूरी तरह से ऑर्गेनिक होने के साथ-साथ औषधीय पौधा भी है।

इस तरह करें पुदीने की रोपाई

पुदीने का कोई बीज नहीं होता और ना ही इसकी बुआई होती है। खेत को पूरी तरह तैयार कर पुदीने की जड़ों तीन से चार सेंटीमीटर की गहराई पर करीब एक से दो फुट की दूरी पर रोपाई कर दी जाती है। पुदीने की खेती के लिए फरवरी और मार्च का महीना ठीक रहता है।

गमलों में भी लगा सकते हैं पुदीना

अगर आप किसान नहीं तो भी कोई बात नहीं। इसके खेती आम अपने घर की छत पर या लॉन में भी कर सकते हैं। इसे आप फूलों की तरह गमले में भी लगा कर ताजा हरा पुदीना प्राप्‍त कर सकते हैं। पुदीने की जड़ किसी भी फूलों वाले गमले लगा दें, वह स्वत: निकल आएगी। पुदीना के पत्तों से भीनी-भीनी सुगंध भी आप के घर के वातावरण को शुद्ध और आप को स्‍वस्‍थ रखेगी।

कई तरह की बीमारियों को दूर करता है पुदीना

लक्ष्‍मी नारायण आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्रो: अविनाश श्रीवास्‍तव कहते हैं एक पुदिना 70 से अधिक रोगों में रामबाण औषधि की तरह काम करता है। वे कहते हैं पुदीना मुंह की दुर्गंध, पेट में दर्द, जहरीले कीडों के काटने पर, गैस, आंतों के कीड़े, चेहरे की सौंर्दयता, बिच्छू के डंक मारने पर, त्वचा के रोग, बदहजमी, त्वचा की गर्मी, सर्दी और खांसी, रक्त का जमना, पित्ती, हैजा, बच्चों के रोग, वायु के रोग, आंतों के रोग, शीत बुखार, सिर का दर्द, टायफायड, निमोनिया सहित अन्‍य बीमारियों की अचूक औषधि है।

  • krishna janmashtami
    यह भी पढ़े

Read Previous

कुरुक्षेत्र में आज भी मौजूद हैं महाभारत की निशानियां

Read Next

32वीं पुण्‍य तिथि पर याद आए पं. केशव प्रसाद चतु‍र्वेदी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!