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जी हुजूर ! आखिर कब तक होगी न्याय, “भ्रष्ट जांच अधिकारी” के चक्कर में फसा टोडरपुर गांव

जी हुजूर ! आखिर कब तक होगी न्याय, "भ्रष्ट जांच अधिकारी" के चक्कर में फसा टोडरपुर गांव

राजू पांडेय,बाराचवर : स्थानीय ब्लाक के अंतर्गत ग्राम सभा टोडरपुर का मामला विगत वर्षों से लगातार चल रहा है ? टोडरपुर ग्राम के प्रधान मुन्ना राजभर का घूस लेते हुए वीडियो वायरल होने से प्रशासन सकते में आ गया था ? मौके पर पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने तत्काल ग्राम सचिव मुकेश सिंह को निलंबित करने का आदेश दिया था|

मुख्य विकास अधिकारी ने भी कहां की उक्त मामले को संज्ञान में लेकर दोषी ग्राम प्रधान के ऊपर सख्त कार्रवाई की जाएगी जिसको देखकर भविष्य में कोई भी ग्राम प्रधान इस तरह का कार्य नहीं कर सकता है इसके बावजूद भी आज तक ग्रामीणों को न्याय नहीं मिल सका अपने पक्ष के रूप में ग्राम प्रधान ने 30 ऐसे व्यक्तियों को तीन चार या पांच शौचालय गए हैं जिसका विरोध करने पर कुछ लोगों का कहना है कि अभी तो हमें और शौचालय की जरूरत है 150 ऐसे शौचालय हैं जिन का उपयोग ही नहीं है पैसा सिर्फ निकाला गया है

जिला उद्यान अधिकारी दो बार पहुंचे हैं जांच करने, फिर भी विपक्ष असंतुष्ट है?

जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र दुबे ने जिला अधिकारी के आदेश से टोडरपुर गांव में दोबारा पहुंचे शौचालय की जांच करने तथा उनको देखकर कुछ ग्रामीणों ने विरोध किया फिर भी उनका ध्यान नहीं था कर्मचारियों से जांच कराने के दौरान अपने पिछले पायदान पर थे ग्राम प्रधान तथा सचिव यह दिखा रहे थे की कुछ को शौचालय मिला है कुछ-कुछ चेक मिला है तथा कुछ लोगों के खाते में पैसा डाल दिया गया है विरोध करने पर जांच अधिकारी मामले को टाल मटोल कर रहे थे

मीडिया से बच निकले है जांच अधिकारी

जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र दुबे ने मीडिया से बचकर जांच करते नजर आए मीडिया रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने साफ तौर पर मना कर दिया कि हम अकेले जांच करेंगे और इसका रिपोर्ट हम शाम को बताएंगे जांच खत्म हो जाने के बाद मीडिया ने जब उनसे सवाल किया तो उन्होंने बचाव करके गाड़ी से निकल लिए

विपक्ष का आरोप, हाई कोर्ट के आदेश को बार-बार चेतावनी दे रहे अधिकारी

टोडरपुर ग्राम सभा की जांच करा रहे हैं रंजीत कुमार मिश्रा से बात हुई तो उन्होंने बताया कि जांचकर्ता जिला उद्यान अधिकारी की जांच से हम संतुष्ट नहीं हैं उन्होंने कहा कि एक भी शौचालय को उन्होंने नजदीक से नहीं देखा है तथा जो हमारी शिकायत थी उसको टालमटोल कर रहे थे और भी उन्होंने कहा कि हम इसकी शिकायत जिला अधिकारी गाजीपुर से करेंगे

जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री जी से भी मुलाकात करके मैं भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ भी अपनी बात रखूंगा तथा पहले से ही भ्रष्ट ग्राम प्रधान एवं सचिव जब तक जांच में सम्मिलित रहेंगे जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती है सूत्रों द्वारा पता चला कि जांच अधिकारी को मोटी रकम देकर प्रधान एवं सचिव ने मामले को रफा-दफा करना चाहते हैं तथा कभी रहे हैं कि कितना भी जांच हो जाए हमारा कुछ नहीं हो सकता है मिश्रा जी बता रहे थे की ग्राम प्रधान उनकी हत्या भी कराना चाहता है उन्होंने कहा कि जब तक प्राण रहेंगे हम अपने ग्रामीणों के भलाई के लिए भ्रष्ट ग्राम प्रधान एवं सचिव जांच करा कर रहेंगे!




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