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UP News: उत्तर प्रदेश के लखनऊ (Lucknow) से दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यह खबर सोचने वाली भी है कि किस रिश्ते पर आदमी भरोसा करे और किस पर नहीं। जरा सोचिए जिसे जिगकर टुकड़ा कह कर पाला पोसा जाता है अगर वहीं जिगर का टुकड़ा अपने परवरिश करने वाली जान ले बैठे तो क्या कहेंगे। जी हां । ऐसा ही कुछ हुआ है UP की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में। यहां एक 21 वर्षीय बेटे ने अपने शराब कारोबारी पिता की उसी की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार कर हत्या कर दी। यही नहीं गोली चलने की आवाज सुन कर मौक पर पहुंची बन को कमरे में चार दिन तक बंद कर पिता के शव को टुकड़े-टुकड़े करके ठिकाने लगाता रहा।
यही नहीं हत्यारे बेटे ने संबंधित थाने में अपने पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट तक दर्ज करवा कर पुलिस और लोगों को गुमराह करता रहा है। जब यह मामलाा उजागर हुआ तो लोग सन्न रह गए। दिल को दहला देने वाली यह घटना लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल-91 की है। आरोपित कोई और नहीं बल्कि मृतक शराब कारोबारी 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह का 21 वर्षीय बेटा अक्षत प्रताप सिंह। बताया जा रहा है अक्षत BBA का छात्र और उसका पढ़ाई लिखाई में मन नहीं लगता था, पिता की डांट और पढ़ाई के दबाव के कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया है।
बताया जा रहा है कि जब समय अक्षत ने अपने पिता को गोली मारी उस समय उसकी छोटी बहन कृति दूसरे कमरे में थी। गोली चलने की आवाज सुन कर जब ववह मौके पर पहुंची तो कमरे के अंदर का नजारा देख कर आवाक रह गई। फर्श पर पिता का शव देखकर वह चीख पड़ी। इस पर अक्षत ने जान से मारने की धमकी देकर कृति को चुप करा दिया और उसे दूसरे कमरे में बंद कर दिया। अक्षत ने कृति को चार दिन तक घर में बंद करके रखा। इस बीच वह पिता के शव के टुकड़े-टुकड़े कर ठिकाने लगाता रहा।
टीएस मिश्रा कालेज का छात्र है पिता के हत्या आरोपी अक्षत
बताया जा रहा है कि अक्षत टीएस मिश्रा कालेज से बीबीए की पढ़ाई कर रहा था। जबकि उसकी बहन कृति एलपीएस में 11वीं की छात्रा है। वहीं अक्षत के पिता मृतक मानवेंद्र सिंह सालेह नगर व बुद्धेश्वर में वर्धमान नाम से पैथालाजी भी चलाते थे। बताया जा रहा है मानवेंद्र की पत्नी का वर्ष 2017 में निधन हो गया था। पड़ोसियों के मुताबिक अक्षत बार-बार घर से बाहर आ जा रहा था। मानवेंद्र के बारे में पूछने पर बताया कि उसके पिता 19 फरवरी से दिल्ली गए हुए हैं, जो लौट क नहीं आए हैं। अक्षत ने पड़ोसियों को यह भी बताया कि उसने पिता के गुमशुदगी की शिकायत भी पुलिस को दी है। पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।
पड़ोसियों की शिकायत पर पकड़ा गया आरोपी बेटा
बताया जा रहा है पड़ोसियों को अक्षत के चालचलन पर संदेह हुआ तो उन्होंने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के साथ पुलिस को शिकात दी। इसके बाद पुलिस ने मानवेंद्र सिंह के भाई अरविंद कुमार सिंह से मामले की जानकारी ली। इसके बाद अक्षत से पूछपड़ताल की तो पता चला कि मानवेंद्र अक्षत पर नीट की तैयारी का दबाव बना रहे थे।
20 फरवरी को दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ में पता चला कि 20 फरवरी को सुबह करीब 4:30 बजे इसी बात को लेकर मानवेंद्र और अक्षत में विवाद हो गया। गुस्से में आकर अक्षत ने पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी। जिससे मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त अक्षत की छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी। आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पिता का शव कमरे में पड़ा था। बताया जा रहा है मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी हैं। वह जालौन में रहते हैं। जो लखनऊ पहुंच चुके हैं।
पोस्टमार्टम हाउस में टुकड़ो में रखा है मानवेंद्र का शव
पुलिस के मुताबिक मानवेंद्र सिंह का शव टुकड़ों में मिला है, जिसे पोस्टमार्टम के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया है। हाथ और पैर बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी अक्षत ने बताया कि हत्या के बाद वह शव को घसीटते हुए तीसरी मंजील से जमीन भूतल पर लाया। यहां खाली कमरे में शव रख दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। पहले कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने की साजिश रची, लेकिन शव का वजन ज्यादा था। इससे वह अकेले ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद आरी खरीदकर लाया और पिता के शव के टुकड़े कर दिए। लेकिन धड़ को ठिकाने नहीं लगाया पाया था। इस लिए उसने ड्रम खरीद कर लाया और उसमें पिता के धड़ को डाल दिया। अक्षत पिता के धड़ को ठिकाने लगाता उससे पहले ही वह पकड़ा गया। बताया जा रहा है अक्षत की बहन कृति अब भी सदमें है।