यह पति है या पागल, डेढ साल से पत्‍नी को बंद कर रखा था शौचालय में

महिला को नर्क से बाहर निकाला तो उसका शरीर हड्डियों का ढांचा बन चुका था। यही नहीं महिला शरीर पर मानवमल लगा हुआ था और वह ढंग से चल भी नहीं पा रही थी।

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स्रोत : सोशल साइट्स से

पानीपत (हरियाणा) : ऐसे व्‍यक्ति को पागल नहीं तो और क्‍या कह स‍कते हैं जो अपनी पत्‍नी को डेढ साल से शौचालय में बंद कर रखा था। यही नहीं यह व्‍यक्ति अपनी पत्‍नी को पीटता भी और भूखा रखता था। जब महिला और बाल विभाग निषेध अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर महिला को नर्क से बाहर निकाला तो उसका शरीर हड्डियों का ढांचा बन चुका था। यही नहीं महिला शरीर पर मानवमल लगा हुआ था और वह ढंग से चल भी नहीं पा रही थी।
यह अमानवीय घटना हरियाणा के पानीपत जिले के गांव रिसपुर की बताई जा रही है। मौके पर पहुंची थाना सनौली पुलिस ने आरोपी पति नरेश को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में आरोपी पति का कहना है कि उसकी 35 वर्षीय पत्‍नी मानसिक रोगी है।

पुलिस ने छापामारी कर महिला को कराया मुक्‍त

इस संबंध में महिला संरक्षा अधिकारी रजनी गुप्‍ता ने बताया कि उन्‍हें सूचना मिली थी कि गांव रिसपुर में एक व्‍यक्ति अपनी पत्‍नी को गत डेढ सालों से टॉयलेट में बंद कर रखा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम गठित सनौली पुलिस के साथ गांव रिसपुर में आरोपी नरेश के घरपर छापा मारा। पहली मंजिल पर स्थित टॉयलेट का ताला खोला गया तो अंदर उसकी पत्नी मिली। जिसके शरीर पर मानवमल पड़ा था। उन्‍होंने बताया कि टीम ने उसे बाहर निकाले की कोशिश की तो वह उठ भी नहीं पा रही थी। महिला के शरीर में सिर्फ हड्डियों का ढांचा भर रह गया है।

पिता की करतूत का बेटे और बेटी ने भी नहीं किया विरोध

छापेमारी करने पहुंची टीम ने बताया कि महिला के 15, 13 और 11 साल के तीन बच्‍चे हैं ने बताया कि महिला की 17 साल पहले शादी हुई थी। उसकी 15 वर्षीय बेटी है। इनमें बेटी बड़ी है, लेकिन इन तीनों में से किसी ने भी अपने पिता की इस करतूत का विरोध नहीं किया। और ना ही इसकी शिकायत पुलिस से की। थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि महिला एंव बाल संरक्षण अधिकारी की शिकायत पर आरोपी पति नरेश के खिलाफ विभिन्‍न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल महिला का मेडिकल करवाया जाएगा।

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