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Uttr pradesh Vidhansabha Chunav 2022, जानें गाजीपुर की किस विधानसभा सीट पर किस दल का है विधायक

Uttr pradesh Vidhansabha Chunav 2022, जानें गाजीपुर की किस विधानसभा सीट पर किस दल का है विधायक

Uttr pradesh Vidhansabha Chunav 2022, जानें गाजीपुर की किस विधानसभा सीट पर किस दल का है विधायक



गाजीपुर । गंगा किनारे बसा गाजीपुर किसी जमाने में इत्र और अफीम के लिए काफी मसहूर था। हाल के समय में गाजीपुर अफीम और माफिया के लिए भी जाना जाता है। लेकिन इससे अलग गाजीपुर की एक पहचान और भी है। यहां यहां साहित्यकार और आईएएस भी हैं। साहित्यकारों के सिरमौर डा: राही मासूम रजा भी गाजीपुर जिले के ही रहने वाले थे। Uttr pradesh Vidhansabha Chunav 2022

ब्रिटिश काल में गाजीपुर शहर में जलमार्ग के जरिए कारोबार हुआ करता था। गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर ने अपनी प्रसिद्ध रचना ‘नौका डूबी’ इसी गाजीपुर में गंगा तट पर बैठक लिखी। अगस्त क्रांति 1942 में मुहम्मदाबाद तहसील परिसर में तिरंगा फहराने को लेकर 18 अगस्त 1942 को 8 क्रांतिकारियों को अपनी जान गवानी पड़ी थी। वहीं मुहम्मदा बाद के ही रहने वाले डा: मुख्तार अंसारी को भला कौन नहीं जानता। Uttr pradesh Vidhansabha Chunav 2022 लंबे अर्से तक कम्युनिस्ट विचारधारा से प्रभावित रहने वाले गाजीपुर में सरजू पांडे और विश्वनाथ शास्त्री जैसे राष्टृीय स्तर के नेता हुए हैं। आइए जानते हैं सात विधानसभा सीटों वाले गाजीपुर की विधानसभाओं के बारे में –

गाजीपुर सदर में कुल मतदाता

कुल वोटरों की संख्या – 3,37, 260
पुरुष वोटर– 1, 82, 492
महिला – 1, 54,755

गाजीपुर सदर विधानसभा

गाजीपुर सदर विधानसभा सीट पर वर्ष 2017 के चुनावों में भाजपा प्रत्याशी डा: संगीता बलवंत 92,090 वोट पाकर विजयी रहीं। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राजेश कुशवाहा 59,483 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। डा: संगीता बलवंत पहली बार चुनाव लड़ीं और भारी मतों के अंतर से चुनाव जीता। इस समय वह उत्तर प्रदेश सरकार में सहकारिता मंत्री हैं। इससे पहले वह जनपद के सबसे बड़े कालेज पीजी कालेज की छात्र संघ अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उल्लेखनीय है गाजीपुर सदर सीट पर ओबीसी वोटरों की संख्या अधिक है।

त्रिकोणीय रहा है मुकाबला

जैसे जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आता जा रहा है, वैसे वैसे चुनावी समीकरण भी बैठाए जा रहे हैं। बतादें की लंबे समय तक कम्युनिस्ट के प्रभाव में रहे गाजीपुर सदर विधानसभा सीट पर चुनावी समीकरणों पर नजर दौड़ाई जाए तो पिछले बीस सालों में मुकाबला त्रिकोणीय रहा है। गत कई विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच ही कड़ा मुकाला रहा है। चुनावी आंकड़ों के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में भाजपा मजबूत है, जबिक ग्रामीण क्षेत्रों में बसपा और सपा का प्रभाव है।

गाजीपुर सदर पर कब-कब किस दल के प्रत्याशी रहे विजेता

गाजीपुर सदर सीट की बात करें तो सन 1952, 1957, 1962, 1969 और 1984 में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों ने त दर्ज किया था। जबिक, 1967 में भाकपा ने जीत दर्ज किया था। वहीं 1974 में बीकेडी के प्रत्याशी ने जीत दर्ज किया। इसी तरह 1977 में गाजीपुर सदर से मुस्लिम मजलिस पार्टी के उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी। वर्ष 1980 में लोकदल ने और 1989, 1991 व 2002 में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी ने जीत का परचम लहराया था। वहीं, 1996, 2007 और 2012 में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने चुनाव जीता था। जबिक 2017 के चुनाव में भाजपा की संगीता ने भारी मतों के अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया था।

गाजीपुर सदर सीट पर जातीय समीकरण

भारतीय राजनीति में जातीय समीकरण नेताओं के लिए बहुत मायने रखता है। सदर सीट पर बिंद, यादव और दलित मतदाता सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद मुस्लिम और क्षत्रिय मतदाताओं का नंबर आता है। इसके बाद ब्राह्मण, बानिया, कुशवाहा, राजभर और मल्लाह मतदाताओं की संख्या है।

अगले अंक ( चार जनवरी) में पढ़ें सैदपुर विधानसभा सीट

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