इन दिनों देश के अनेक भागों से दुर्भाग्यपूर्ण समाचार आ रहे हैं। कुछ सप्ताह पहले जब श्रीरामजन्मभूमि के चंदे में से कुछ कर्मचारियों द्वारा चोरी करने का समाचार आया तो…
मन की बात
- मन की बातउत्तर प्रदेशझरोखा स्पेशलदेश दुनियाधर्म / इतिहासपंजाबबिहार
वह भी क्या दिन थे, जब आंखों में लगाया काजल नन्हे हाथों की हथेलियों से होता हुआ पूरे गाल तक पसर आता था। तभी भी चेहरे पर सुंदरता बरकरार रहती…
- उत्तर प्रदेशखबर जरा हटकेझरोखा स्पेशलदेश दुनियाधर्म / इतिहासपंजाबबिहारमन की बात
जुमे को पड़ रही होली तो हाय तौबा क्यों, वाजिद अली शाह ने मोहर्रम में भी खेली थी होली
by Jharokhaby Jharokhathejharokha.com फिचर डेस्क। होली और जुमे की नमाज को लेकर संभल के CO अनुज चौधरी के एक बयान से राजनीतिक गलियारों सहित सुस्लित समुदाय के कुछ लोगों के बीच हंगामा…
जली फिजा ऐसी कि हवा हो गई सांस की प्यासी धुएं में लिपटा शहर, दिन ने ओढ़ी रात की उदासी। मौसम की क्या बात करें, ऋतुओं में बदलाव हुआ है,…
————— Me : ऐ हवा! तुझे किसकी हवा लगी, रोग ये कैसा जिसकी दवा नहीं। Hawa : आपने ही बुनी प्रदूषण की चादर, लिपट गया जिसमें शहर से सागर, Me…
आतंकवादी संगठन हिज्बुल्ला के वरिष्ठ आतंकवादी की मौत पर महबूबा भी और उमर अब्दुल्ला भी शोक मना रहे हैं। इसी शोक में मैडम मुफ्ती एक दिन चुनाव प्रचार नहीं कर…
- मन की बात
श्री श्री गुरुगोबिंद सिंह के गुरुग्रंथ साहिब से प्रेरित हुए हुवे एक आम आदमी का घोषणापत्र
by Jharokhaby Jharokhaएस सुन्दर राजन, बेंगलूरु मेरे को राजनीतिक उद्यम/दुस्साहस करने का कोई इरादा नहीं है। 2004 में मैंने एशियन चैलेंजेस एंड स्ट्रैटेजी नामक एक पुस्तक प्रकाशित की, जिसमें मैंने अपना विचार व्यक्त…
- उत्तर प्रदेशझरोखा स्पेशलदेश दुनियामन की बात
बच्चों के कानून सक्षम, आखिर कौन बना रहा है बच्चों को अपराधी
by Jharokhaby Jharokhaओजस्कर पाण्डेय ये तो हम सभी जानते हैं कि बच्चा अपराधी पैदा होता नहीं है। फिर समाज, समुदाय व परिवार में वो कौन सी चीजें जो उसे अपराध करने की…
- मन की बातखबर जरा हटकेदेश दुनियाराजनीति
हमारी सुनने की कह, बस अपनी सुना जाता है
by Jharokhaby Jharokhaहमारी सुनने की कह, बस अपनी सुना जाता है, न जाने इसमें कांग्रेस को क्या नजर आता है🤦♂️ 53 सावन बिताकर अभी तक युवा कहलाता है, इतने में तो यहां…
जिंदगी जीना आसान नहीं होता बिना संघर्ष बिना मेहनत के कोई महान नहीं होता जब तक न पड़े हथोड़े की चोट पत्थर भी कभी भगवान नहीं होता लेखक : प्रदीप…
