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प्रेमिका के शव के किए 35 टुकड़े, 18 दिन तक जंगल में लगाता रहा ठिकाने

35 pieces of girlfriend's body, kept in the forest for 18 days

मृतका श्रद्धा मदान। स्रोत । सोशल साइट से

दिल्ली : मुंबई के एक कॉल सेंटर से शुरू हुई प्रेम कहानी का इतना विभत्स अंत दिल्ली में होगा, किसी ने सोचा भी नहीं होगा। हत्या की यह वारदात करीब छह माह पुरानी है लेकिन, इसके रहस्य पर्दा अब उठा है, जब कातिल पकड़ा गया। कत्ल तरीकों और कातिल के खतरनाक मंसूबों को जान कर आप की रूह काप उठेगी। कातिल जब दिल्ली के पुलिस के हत्थे चढ़ा तो पता चला कि उसने अपनी प्रेमिका के शव के एक नहीं, दो नहीं बल्कि 35 टुकड़े किए और उन्हें एक-एक कर 18 दिनों तक मेहरौली के जंगल में ठिकाने लगाता रहा ताकि, साक्ष्य मिटाए जा सकें। अब पुलिस शव के टुकटड़ों को तलाश रही है। मृतका की पहचान श्रद्धा मदान और आरोपी की पहचान आफताब अमीन पूनावाला के रूप में बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि ये दोनो लीव इन में एक साथ रहते थे।

यह है पूरा मामला

चलिए अब आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला। पुलिस और मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 26 साल की श्रद्धा मदान मुंबई के मलाड इलाके की रहने वाली थी। वह और आफताब अमीन पूनावाला एक मल्टीनेशन कंपनी के काल सेंटर में काम करती थी। यहीं पर साल 2019 में श्रद्ध और आफताब की मुलाकात हुई और दोनो का इश्क परवान चढ़ा। हलांकि श्रद्धा और आफताब के रिश्तों से श्रद्धा के घर वाले नाखुश थे। बारबार समझाने के बावजूद जब श्रद्धा नहीं मानी तो उसके घरवालों ने उससे रिश्ता खत्म कर लिया। इसके बाद श्रद्धा और आफताब दोनों मुंबई से दिल्ली शिफ्ट हो गए। वे दोनो दिल्ली के मेहरौली में किराए के एक फ्लैट लिव इन में रहने लगे। इस दौरान श्रद्धा आफताब पर शादी के लिए दबाव बनाने लगी। इस बात को लेकर दोनों में झगड़ा होता था।

ऐसे खुला हत्या का राज

पुलिस के मुताबिक अपने परिजनों रिश्ता खत्म करने बाद भी श्रद्धा लक्ष्मण नाम के अपने एक सहपाठी के संपर्क में थी। वह अकसर फोन पर बातें कर अपना और अपनी घरवालों का कुशल क्षेम पूछती और बताती। लक्ष्मण ही श्रद्धा और उसके पिता की बीच की कड़ी था जो श्रद्धा के बारे में उसके पिता विकास मदान को बताता था। पुलिस के मुताबिक जब श्रद्धा ने कई दिन तक लक्ष्मण का फोन नहीं उठाया तो लक्ष्मण को कुई अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उसने श्रद्धा के पिता को जानकारी दी। इसके बाद विकास मदान श्रद्धा हाल जानने आठ नवंबर को दिल्ली पहुंचे। तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। विकास श्रद्धा के फ्लैट पर पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था। इसके उन्होंने महरौली पुलिस स्टेशन में बेटी के अगवा होने की शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद जब पुलिस ने आरोपी आफताब पूनावाला को काबू कर लिया। इसके बाद जो सच सामने आया उसे जानकार आपके रोंगटे खड़े खड़ हो जाएंगे।

कातिल का कबूलनामा

दक्षिणी दिल्ली के एडिशनल DCP अंकित चौहान ने बताया वह वाकई में रोंगटे खड़े कर देने वाला सच था। पुलिस की पूछताछ में आफताब ने बताया कि 18 मई को उसके और श्रद्धा के बीच झगड़ा हुआ। झगड़े के बाद आफताब ने श्रद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने श्रद्धा के शव के आरी से 35 टुकड़े किए। इसके बाद वह बाजार गया और एक बड़ा फ्रीज लेकर आया। उस फ्रीज में श्रद्धा के शव इन 35 टुकड़कों रख दिया।

रोज रात को दो बजे लगाता था ठिकाने

पुलिस के मुताबिक आफताब श्रद्धा के शव के टुकड़ों कों बैग में रख कर हर रोज रात के करीब दो बजे घर से निकलता था और मेहरौली के जंगल में अलगे-अलग जगहों पर ठीकाने लगाता था। पुलिस के मुताबिक, आफताब ने शव के टुकड़े करने के लिए आरी का इस्तेमाल किया। उसने पहले उसके हाथों के तीन टुकड़े किए। इसके बाद पैर के भी तीन टुकड़े किए और इन टुकड़ों को फ्रीज में रख दिया। पुलिस के मुताबिक आफताब घर में इतना अगरबत्ती जलाता था कि कबरे की बदबू अगरबत्ती की सुगंद में दब जाए। बहरहाल अब आरोपी आफताब दक्षिणी दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में है।

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