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पहले जाम लगता था, अब भीषण जाम लगता है

पहले जाम लगता था, अब भीषण जाम लगता है

पुराने लखनऊ में सेतु निगम के बनाये पुलों पर मज़ा या फिर पब्लिक को सजा!!

परवेज़ अख्तर : सरकार की तरफ से सेतु निगम ने पुराने लखनऊ में करोड़ों की लागत से दो पुल बनाये हैं, एक मिल एरिया चौकी से हैदर गंज चौराहे तक ! दूसरा हैदर गंज चौराहे से नीम्बू पार्क तक। इन पुलों को बनाने में दलील ये थी लोगों को जाम से राहत मिलेगी और एम्बुलेंस भी बगैर रुके या कहीं फंसे सीधे मेडिकल कॉलेज या फिर अन्य अस्पताल पहुंचेगी।

पर अब इन पुलों के बन जाने के बाद पहले के मुकाबले ज्यादा भीषण जाम लगने लगा है। क्योंकि इन पुलों को बनाने में इतनी खामियां बरती गयीं हैं। जिसका सवाल करने पर कोई अधिकारी जवाब नहीं देना चाह रहा है। मिल एरिया चौकी से एम्बुलेंस या फिर ज़रूरी काम से निकली पब्लिक सीधे हैदर गंज चौराहे पर आ कर फंस जाती है।

वजह ये है कि चारबाग की तरफ से,नक्खास साइड से, बुलाकी अड्डे की तरफ से और तालकटोरा की तरफ से आने वाला ट्रैफिक हैदर गंज चौराहे पर ही इकट्ठा हो जाता है। पहले निकलने की जल्दी में हालात विस्फोटक हो जाते हैं हर कुछ देर बाद तू तू मैं मैं का माहौल बना रहता है। घंटों काफी मशक्कत के बाद जाम खुल पाता है।! इस पुल को बनाने में सेतु निगम, एलडीए, नगर निगम, की कई ऐसी खामियां हैं जो बंद आंख से भी देखी जा सकती हैं।

साइड के अतिक्रमण पर जितनी दूरी तक निशान लगाए गये थे वहां तक के अतिक्रमण को छुआ ही नहीं गया। आयुर्वेदिक अस्पताल के सामने रोड पर ही अमूल बूथ का एक खंडर जिसका कोई इस्तेमाल नहीं है उसको ऐसे ही छोड़ दिया गया उसकी आड़ में कयी अतिरिक्त अतिक्रमण हो गए! मेडिकल स्टोर्स अपनी दुकानों से काफी आगे बढ़ कर अपना काउंटर लगाते हैं दवा लेने वाले लोग आधी रोड तक अपनी गाड़ियां खड़ी करते हैं !

इसके अलावा बाकि जो रोड है उसमें भी साइड की लगभग 20 % रोड को बनाया ही नहीं गया ताकि उस पर लोग अतिक्रमण कर लें। और इस तरह अतिक्रमण करने वालों की और इन पर नकेल कसने वालों की दुकानें चलती रहें ! पुल के नीचे चौक तक बीच डिवाइडर के दोनों साइड में सब्ज़ी मंडी व फल मंडी की फीलिंग्स आती है और बाकी बची जगह पर कार पार्किंग नज़र आती है यानि के चौड़े होने के बावजूद रास्ते काफी संकरे बना दिये गये ! जिससे कि रोड कम गली ज़्यादा नज़र आती हैं।और करोड़ों खर्च होने के बाद भी ट्रैफिक हमेशा की तरह रेंगता नज़र आता है !

बहरहाल जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे से इन करोड़ों के पुल का जनता को क्या फायदा होगा ये आने वाला कल बताएगा। क्योंकि अभी तो
पहले भी एम्बुलेंस व आम पब्लिक जाम में फंसती थी और मौजूदा वक्त में भी फंस रही है।

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