लखनऊ(Lucknow)। उत्तर प्रदेश (UP) में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल छह माह के लिए बढ़ा दिया गया। अब मंगलवार यानि 25 मई 2026 से प्रदेश के ग्राम प्रधान प्रशासक भूमिका में आ जाएंगे। इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अपनी मुहर लगा दी है। बता दें कि 26 मई मंगलवार को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। बताया जा रहा है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव समय में पर नहीं हो पाने के कारण सरकार को यह फैसला लेना पड़ा है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ऐसी स्थिति में सरकार एडीओ पंचायत को प्रशासक के तौर पर नियुक्त करती रही है। यह पहल मौका है जब गांवों में चलने वाली योजनाओं की गति बर्करार रखने के लिए सरकार ने प्रधानों को ही प्रशासक बनाने का फैसला किया
प्रदेश में 27 हजार से अधिक हैं ग्राम प्रधान
बता दें कि उत्तर प्रदेश में कुल 27,694 ग्राम प्रधान हैं जो अब प्रशासक की भूमिका में छह माह तक अपने पद पर बने रहेंगे और गांवों में चल रहे विकास कार्यों को गति देंगे। UP सरकार द्वारा प्रदेश के प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाए जाने के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि राज्य में ग्राम पंचायत चुनाव अब 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद ही करवाए जाएंगे। ऐसा नहीं है कि उत्तर प्रदेश में ही प्रधानों को प्रशासक बनाया गया है, इससे मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान में ग्राम प्रधान प्रशास की भूमिका में रह चुके हैं।